उत्तराखण्ड के तहसील मुनस्यारी में जनजातियों का सांस्कृतिक अध्ययन

देवेन्द्र सिंह परिहार, कमल सिंह राणा, डाॅ0 दीपक, मनोज कुमार टम्टा

Abstract


     किसी मानव समूह के ऐतिहासिक विकास क्रम में जीवन यापन की जो विशिष्ट शैली विकसित होती है, वही उस समूह की संस्कृति कहलाती है। इसी के आधार पर एक मानव समूह दूसरे समूह से पृथक दिखता है, क्योंकि प्रत्येक संस्कृति के अपने विशिष्ट सांस्कृतिक तत्व ( कला, विश्वास, धर्म, त्यौहार, पर्व, उत्सव आदि ) होते है। यहाॅ उत्तराखण्ड राज्य के मुनस्यारी तहसील के भोटिया जनजाति के संस्कृति व सांस्कृतिक तत्वों का विवरण किया जा रहा है।

    लोगों का ऐसा समूह जो रूढ़िवादी चरित्र के साथ और उत्पत्ति के समय से ही अपने आदिम स्वरूप से जीता रहा है। उन्हे जनजाति की संज्ञा दी जाती है। कुछ जनजातियाॅ वर्तमान समय मे भी विकसित समाज से दूर अपनी परम्परागत जीवन पद्धति वंशानुगत संस्कार विशिष्ट रीति-रिवाज प्राथमिक व्यवसाय और समाजिक विरासत को बनाए रखने में सक्षम है। उनमें तहसील मुनस्यारी की जनजाति को भी रखा जाता है।


Full Text:

PDF

References


पाॅगती, डाॅ0 शेर सिंह -जोहर के शौका

टोलिया, डाॅ0 आर0एस0-जोहार का इतिहास

मैठाणी, प्रो0डी0डी0-उत्तराखण्ड का भूगोल

पाॅगती, डाॅ0 शेर सिंह - जोहार ज्ञान कोष

पाॅगती राम सिंह - जोहार का इतिहास व वंशावली

पांडे, बद्रीदत्त - कुमाऊँ का इतिहास

स्मारिका 2005 - जोहार क्लब मुनस्यारी

स्मारिका 2014 - जोहार क्लब मुनस्यारी

रावत, पं0 नैन सिंह - इतिहास रावत कौम

पाॅगती, राम सिंह - जोहार उपकारक

पाॅगती, शेर सिंह - जोहार के स्वर

शाह, उमेश चन्द्र - उत्तराखण्ड की प्रचलित वनौषधियाॅ


Refbacks

  • There are currently no refbacks.