पुष्कर तीर्थ तथा पुष्कर मेले, पर्यटन संवर्धन में मीडिया का प्रभाव औरसांख्यिकीय विश्लेषणतथा निष्कर्ष

Ajay Kumar Saini

Abstract


भारत विविध संस्कृतियों, धर्मों, मत-मतांतरों व अलौकिक दैवीय शक्तियों और चमत्कारों से परिपूर्ण एक प्राचीन आध्यात्मिक देश है। हमारी मान्यता और आस्था है कि भारत के अप्रतिम नैसर्गिक सौन्दर्य से अभिभूत होकर अनादि काल से अनेक देवी-देवताओं ने यहाँ अवतरित होकर विविध लीलाओं से विश्व को चमत्कृत किया। यहाँ धर्म, भक्ति, ज्ञान व कर्म का ऐसा व्यापक विस्तार हुआ है कि यहाँ नदी, सरोवर, पेड़-पौधे तथा पत्थर तक पूजे जाते हैं। ऐसी ही हमारी अक्षुण्ण सनातन वैदिक संस्कृति है, जो हमारी सभ्यता और जन-जन की अनुभूतियों में अनवरत पल्लवित होती रही है।
इसके परिणामतः समूचे देश में सर्वत्र विविध धर्म स्थलों, आस्था के केन्द्रों, आश्रमों, मठों, मंदिरों तथा पावन तीर्थों के असंख्य आध्यात्मिक, दर्शनीय, पूजनीय और पवित्र पावन रमणीय स्थलों का विस्तार देखा जा सकता है। यहाँ भक्त व श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएँ पूर्ण करने, मोक्ष व उद्धार की प्राप्ति, सुख-शांति और पुण्य लाभ हेतु आते-जाते हैं।


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References


;1द्ध पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, रिपोर्ट - जनवरी 2017

;2द्ध पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, रिपोर्ट - जनवरी 2018

;3द्ध पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार, वार्षिक रिपोर्ट, 2014-17


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